सऊदी अरब में एंड ऑफ़ सर्विस अवॉर्ड (ESB) की गणना: लेबर लॉ के नियम, इस्तीफ़ा और उदाहरण

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अगर आप सऊदी अरब के प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं, तो नौकरी ख़त्म होने पर मिलने वाला एंड ऑफ़ सर्विस अवॉर्ड (ESB, अरबी में मुकाफ़अत निहायत अल-ख़िदमा) आम तौर पर सबसे बड़ी रक़म होती है। नियम छोटे हैं, लेकिन छोटी बातें रक़म को बहुत बदल देती हैं: आपने इस्तीफ़ा दिया या कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हुआ, आपने कितने पूरे साल काम किया, और हिसाब किस वेतन पर हुआ।

यह गाइड सऊदी लेबर लॉ के नियम समझाती है, जैसा मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (HRSD) ने प्रकाशित किया है। फिर सऊदी रियाल में पांच उदाहरण हैं, ताकि आप अपनी रक़म ख़ुद जांच सकें।

यह आम जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। अगर कोई विवाद है, तो HRSD या किसी योग्य वकील से संपर्क करें।

ये नियम किन पर लागू होते हैं

आर्टिकल 84 से 88 के एंड ऑफ़ सर्विस नियम उन कामगारों पर लागू होते हैं जो सऊदी लेबर लॉ के दायरे में आते हैं। कुछ समूह इस क़ानून से बाहर हैं या उनके अपने नियम हैं। जैसे घरेलू कामगारों के लिए अलग रेगुलेशन है, इसलिए उनका हिसाब इस तरह नहीं होता।

मूल फ़ॉर्मूला (आर्टिकल 84)

जब नौकरी का रिश्ता ख़त्म होता है, तो कंपनी को सर्विस के सालों के हिसाब से अवॉर्ड देना होता है:

  • पहले पांच सालों में हर साल के लिए आधे महीने का वेतन
  • पांचवें साल के बाद हर साल के लिए एक महीने का वेतन

इसी आर्टिकल की दो और बातें ज़रूरी हैं:

  1. आख़िरी वेतन ही आधार है। हिसाब उस वेतन पर होता है जो आपको आख़िर में मिल रहा था, शुरुआती सैलरी या औसत पर नहीं।
  2. साल का हिस्सा भी गिना जाता है। बचे हुए महीनों और दिनों का अवॉर्ड काम किए गए समय के अनुपात में मिलता है।

आर्टिकल 84 कुल रक़म पर कोई ऊपरी सीमा नहीं रखता, जबकि UAE में दो साल की सीमा है।

क़ानून में महीना 30 दिन का माना गया है, जब तक कॉन्ट्रैक्ट या वर्क रेगुलेशन में कुछ और न लिखा हो। इसलिए आधे महीने का वेतन यानी मासिक वेतन को दो से भाग देना।

कौन सा वेतन गिना जाता है

यहीं सबसे ज़्यादा ग़लती होती है। सऊदी लेबर लॉ में “वेज” का मतलब है असल वेतन (एक्चुअल वेज)। HRSD के मुताबिक़ यह बेसिक वेतन और साथ में वे सभी बढ़ोतरी हैं जो आपके काम, मेहनत या जोखिम के बदले, या कॉन्ट्रैक्ट या वर्क रेगुलेशन के तहत तय की गई हैं। क़ानूनी परिभाषा में महंगाई से जुड़ी बढ़ोतरी, नियमित बोनस और सुविधाएं (बेनिफ़िट इन काइंड) जैसी चीज़ें भी शामिल हैं।

यानी सऊदी नियम UAE की तरह सिर्फ़ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं है। आर्टिकल 86 एक छूट देता है: आप और कंपनी यह तय कर सकते हैं कि कमीशन, सेल्स का प्रतिशत और ऐसे घटने बढ़ने वाले हिस्से अवॉर्ड वाले वेतन में न गिने जाएं।

कुछ भी जोड़ने से पहले अपना कॉन्ट्रैक्ट और आख़िरी पे स्लिप खोलें और हर फ़िक्स्ड मासिक हिस्सा लिख लें। अगर कंपनी कोई और रक़म इस्तेमाल करती है, तो पूछें कि उसमें कौन से हिस्से जोड़े गए और क्यों।

इस्तीफ़ा: एक तिहाई और दो तिहाई का नियम (आर्टिकल 85)

अगर नौकरी आपके इस्तीफ़े से ख़त्म होती है, तो अवॉर्ड कम हो जाता है, जब तक आपकी सर्विस काफ़ी लंबी न हो:

इस्तीफ़े के समय लगातार सर्विसअवॉर्ड का हिस्सा
2 साल से कमकुछ नहीं
2 साल से 5 साल तकएक तिहाई
5 साल से ज़्यादा, 10 से कमदो तिहाई
10 साल या ज़्यादापूरा अवॉर्ड

यह हिस्सा आर्टिकल 84 से निकले पूरे अवॉर्ड पर लगता है। पहले पूरी रक़म निकालें, फिर उसका एक तिहाई या दो तिहाई लें।

यह कटौती सिर्फ़ इस्तीफ़े पर है। अगर आपका फ़िक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट बस अपनी मुद्दत पूरी कर ले, या कंपनी आर्टिकल 80 के मामलों के अलावा किसी वजह से कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करे, तो आर्टिकल 85 अवॉर्ड कम नहीं करता।

जब इस्तीफ़े पर भी पूरा अवॉर्ड मिलता है

आर्टिकल 87 इस्तीफ़े की कटौती से दो छूट देता है:

  • फ़ोर्स मेज्योर। अगर आप अपने बस से बाहर की किसी वजह से नौकरी छोड़ते हैं, तो पूरा अवॉर्ड मिलता है।
  • शादी या डिलीवरी। महिला कर्मचारी अगर निकाह के छह महीने के अंदर या डिलीवरी के तीन महीने के अंदर कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करे, तो उसे पूरा अवॉर्ड मिलता है।

आर्टिकल 81 में ऐसी स्थितियां भी हैं जिनमें आप बिना नोटिस नौकरी छोड़ सकते हैं और आपके सभी क़ानूनी अधिकार बने रहते हैं। जैसे कंपनी कॉन्ट्रैक्ट या क़ानून की बुनियादी ज़िम्मेदारियां पूरी न करे, आपकी मर्ज़ी के बिना बिल्कुल अलग काम दे, या आपके साथ सख़्ती या अपमान का बर्ताव करे। अगर आप इनमें से किसी पर भरोसा कर रहे हैं, तो लिखित सबूत रखें।

अब इस्तीफ़ा कैसे होता है

HRSD के प्रकाशित लेबर लॉ के हाल के संशोधनों ने इस्तीफ़े की प्रक्रिया साफ़ की है:

  • इस्तीफ़ा लिखित रिक्वेस्ट से दिया जाता है।
  • अगर कंपनी 30 दिन में जवाब न दे, तो इसे मंज़ूर माना जाता है।
  • काम की ज़रूरत हो तो कंपनी 60 दिन तक मंज़ूरी टाल सकती है, लेकिन 30 दिन पूरे होने से पहले लिखित वजह देनी होगी।
  • आप 7 दिन के अंदर रिक्वेस्ट वापस ले सकते हैं, अगर कंपनी ने उससे पहले मंज़ूर न कर दिया हो।
  • इस दौरान कॉन्ट्रैक्ट चालू रहता है और दोनों पक्षों की ज़िम्मेदारियां बनी रहती हैं।

टाइमिंग के लिए यह अहम है। आपकी सर्विस कॉन्ट्रैक्ट असल में ख़त्म होने की तारीख़ तक गिनी जाती है। अगर आप दो, पांच या दस साल जैसी किसी सीमा के क़रीब हैं, तो कुछ भी जमा करने से पहले देख लें कि आपका कॉन्ट्रैक्ट किस तारीख़ को ख़त्म होगा।

कब अवॉर्ड नहीं मिलता

  • आर्टिकल 80 के तहत बर्ख़ास्तगी। क़ानून में लिखे कुछ ख़ास मामलों में कंपनी बिना अवॉर्ड कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म कर सकती है, जैसे काम पर मारपीट, साबित हुई बदसलूकी या बेईमानी, नौकरी पाने के लिए जालसाज़ी, या लिखित चेतावनी के बाद लंबी बिना वजह ग़ैरहाज़िरी। आपको अपनी आपत्ति रखने का मौक़ा मिलना चाहिए।
  • प्रोबेशन। आर्टिकल 54 के तहत अगर कॉन्ट्रैक्ट प्रोबेशन पीरियड में ख़त्म हो, तो उस अवधि का अवॉर्ड नहीं मिलता।

बिना जायज़ वजह के नौकरी से निकालने का मुआवज़ा आर्टिकल 77 के तहत एक अलग हक़ है। यह एंड ऑफ़ सर्विस अवॉर्ड का हिस्सा नहीं है।

पांच उदाहरण

सभी उदाहरणों में महीना 30 दिन का है, यानी आधे महीने का वेतन = मासिक वेतन ÷ 2।

उदाहरण 1: 4 साल, कॉन्ट्रैक्ट की मुद्दत पूरी, वेतन SAR 8,000

आपका वेतन SAR 6,000 बेसिक, SAR 1,500 हाउसिंग और SAR 500 ट्रांसपोर्ट है, सब कॉन्ट्रैक्ट में तय।

  • आधा महीना: 8,000 ÷ 2 = SAR 4,000
  • अवॉर्ड: 4 × 4,000 = SAR 16,000
  • अगर आपने इस्तीफ़ा दिया होता: 16,000 ÷ 3 = SAR 5,333.33

उदाहरण 2: 7 साल, वेतन SAR 10,000

  • पहले पांच साल: 5 × 5,000 = SAR 25,000
  • छठा और सातवां साल: 2 × 10,000 = SAR 20,000
  • पूरा अवॉर्ड: SAR 45,000
  • इस्तीफ़े पर: 45,000 का दो तिहाई = SAR 30,000

उदाहरण 3: 12 साल, इस्तीफ़ा, वेतन SAR 12,000

  • पहले पांच साल: 5 × 6,000 = SAR 30,000
  • अगले सात साल: 7 × 12,000 = SAR 84,000
  • अवॉर्ड: SAR 114,000, पूरा मिलेगा क्योंकि सर्विस 10 साल या ज़्यादा है

उदाहरण 4: 1 साल 8 महीने, वेतन SAR 6,000

  • इस्तीफ़े पर: दो साल से कम, इसलिए कोई अवॉर्ड नहीं
  • अगर कंपनी प्रोबेशन के बाद, आर्टिकल 80 के मामलों से अलग, कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करे: लगभग 1.67 × 3,000 = SAR 5,000

उदाहरण 5: 3 साल 6 महीने, वेतन SAR 9,000, डिलीवरी के बाद इस्तीफ़ा

महिला कर्मचारी डिलीवरी के दो महीने बाद कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करती है, इसलिए आर्टिकल 87 लागू होता है।

  • पूरा अवॉर्ड: 3.5 × 4,500 = SAR 15,750
  • आम इस्तीफ़ा होता तो एक तिहाई: SAR 5,250

भुगतान और कटौती (आर्टिकल 88)

अगर कंपनी कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करती है, तो वेतन और बकाया कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म होने के एक हफ़्ते के अंदर देना होता है। अगर आप ख़त्म करते हैं, तो कंपनी के पास ज़्यादा से ज़्यादा दो हफ़्ते हैं। काम से जुड़ा कोई क़र्ज़ आप पर हो तो कंपनी उसे काट सकती है। HRSD में शिकायत की ज़रूरत पड़े, इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट, पे स्लिप और इस्तीफ़े या टर्मिनेशन लेटर की कॉपी संभाल कर रखें।

एक मिनट में अपनी रक़म जांचें

ग्रेच्युटी कैलकुलेटर खोलें और सऊदी अरब चुनें। सैलरी वाले ख़ाने में वह मासिक वेतन डालें जिस पर आपका अवॉर्ड बनता है (कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक़ आपका असल वेतन), फिर शुरू की तारीख़, आख़िरी कामकाजी दिन और नौकरी ख़त्म होने की वजह डालें। कैलकुलेटर आधे महीने और पूरे महीने की दर और इस्तीफ़े के स्लैब लगाता है, सर्विस को दिनों में गिनता है और सालों में दिखाता है। यह आपके ब्राउज़र में चलता है, इसलिए आपकी सैलरी की जानकारी कहीं नहीं भेजी जाती।

नतीजे को अनुमान ही समझें। आर्टिकल 87 या 81 जैसे ख़ास मामले, समझौते से कमीशन को बाहर रखना, और काम से जुड़ी कटौतियां इस हिसाब में शामिल नहीं हैं, और ये आख़िरी रक़म बदल सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सऊदी अरब में दो साल से पहले इस्तीफ़ा देने पर एंड ऑफ़ सर्विस मिलता है?

नहीं। लेबर लॉ के आर्टिकल 85 के मुताबिक़ अगर आपकी लगातार सर्विस दो साल से कम है और आप इस्तीफ़ा देते हैं, तो अवॉर्ड नहीं मिलता। अगर कॉन्ट्रैक्ट किसी और वजह से ख़त्म हो, जैसे मुद्दत पूरी होना या कंपनी का ख़त्म करना, तो काम किए गए समय के अनुपात में अवॉर्ड मिलता है।

क्या सऊदी एंड ऑफ़ सर्विस सिर्फ़ बेसिक सैलरी पर बनता है?

क़ानून आख़िरी वेतन (वेज) को आधार मानता है, और वेज का मतलब है असल वेतन: बेसिक वेतन और साथ में वे बढ़ोतरी और अलाउंस जो कॉन्ट्रैक्ट या कंपनी के वर्क रेगुलेशन में तय हैं। आर्टिकल 86 लिखित समझौते से कमीशन जैसे बदलने वाले हिस्से बाहर रखने की इजाज़त देता है।

क्या शादी या डिलीवरी के बाद इस्तीफ़ा देने वाली महिला को पूरा अवॉर्ड मिलता है?

हां। आर्टिकल 87 के तहत अगर महिला कर्मचारी निकाह (मैरिज कॉन्ट्रैक्ट) के छह महीने के अंदर या डिलीवरी के तीन महीने के अंदर कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करती है, तो उसे पूरा अवॉर्ड मिलता है। फ़ोर्स मेज्योर (आपके बस से बाहर की वजह) से नौकरी छोड़ने पर भी पूरा अवॉर्ड मिलता है।

कंपनी को एंड ऑफ़ सर्विस कितने दिन में देना होता है?

आर्टिकल 88 के मुताबिक़ अगर कंपनी कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करे तो एक हफ़्ते में, और अगर आप ख़त्म करें तो दो हफ़्ते में। काम से जुड़ा कोई क़र्ज़ आप पर हो तो कंपनी उसे काट सकती है।

क्या प्रोबेशन के दौरान कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म होने पर अवॉर्ड मिलता है?

नहीं। आर्टिकल 54 कहता है कि अगर प्रोबेशन पीरियड में कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो जाए, तो उस अवधि का एंड ऑफ़ सर्विस अवॉर्ड नहीं मिलता।

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